Followers

Showing posts with label जब याद किसी की आती है. Show all posts
Showing posts with label जब याद किसी की आती है. Show all posts

Wednesday, April 30, 2014

"जब याद किसी की आती है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

 अपने काव्य संकलन सुख का सूरज से
एक गीत
"जब याद किसी की आती है"
हार्ट अटैक आने से कुछ दिन पहले बॉडी देने लगती है संकेत
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।
मन सब सुध-बुध खोता है,
जब याद किसी की आती है।

गुलशन वीराना लगता है,
पागल परवाना लगता है,
भँवरा दीवाना लगता है,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।

मधुबन डरा-डरा लगता है,
जीवन मरा-मरा लगता है,
चन्दा तपन भरा लगता है,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।

नदियाँ जमी-जमी लगती हैं,
दुनियाँ थमी-थमी लगती हैं,
अँखियाँ नमी-नमी लगती हैं,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।
मन सब सुध-बुध खोता है,
जब याद किसी की आती है।।

Monday, September 9, 2013

"जब याद किसी की आती है" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!
अपने काव्य संकलन सुख का सूरज से
एक गीत
"जब याद किसी की आती है"

दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।
मन सारी सुध-बुध खोता है,
जब याद किसी की आती है।

गुलशन वीराना लगता है,
पागल परवाना लगता है,
भँवरा दीवाना लगता है,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।

मधुबन डरा-डरा लगता है,
जीवन मरा-मरा लगता है,
चन्दा तपन भरा लगता है,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।

नदियाँ जमी-जमी लगती हैं,
दुनियाँ थमी-थमी लगती हैं,
अँखियाँ नमी-नमी लगती हैं,
दिल में कुछ-कुछ होता है,
जब याद किसी की आती है।


मन सारी सुध-बुध खोता है,
जब याद किसी की आती है।।