Followers

Thursday, June 23, 2011

"मोहब्बत " हो गयी

तुझे देखा
नहीं हुई
तुझे पाया 
नहीं हुई
तुझे चाहा
नहीं हुई
मगर 
जिस दिन
तुझे जाना
"मोहब्बत "
हो गयी

6 comments:

  1. वन्दना जी सप्रेम अभिवादन
    बहुत सुन्दर कविता ....
    हार्दिक बधाई ....

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर रचना!
    भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूँ!

    ReplyDelete
  4. आपकी इस उत्कृष्ट प्रवि्ष्टी की चर्चा आज शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!

    ReplyDelete

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।